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डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए घरेलू नुस्खे | Dengue and Chikungunya Home Remedies in Hindi

इस साल मच्छरों का प्रकोप काफी देखने को मिल रहा है डेंगू और चिकनगुनिया के मामले तेजी से फ़ैल रहे है | पिछले साल दिल्ली में चिकनगुनिया के सिर्फ 64 मामले सामने आये थे लेकिन इस बार 2600 से ज्यादा मामले आये है | डेंगू के मामले तो कही अधिक है इन मामलों में घबराने के बजाय तुरंत उचित उपचार कराना जरुरी है जिससे जान बच सकती है |

डेंगू का बुखार | Dengue Fever

डेंगू बुखार मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है | इन मच्छरों के शरीर पर चीते जैसी धारिया होती है | ये मच्छर दिन में खासकर सुबह शरीर के निचले हिस्सों पैरो आदि पर काटते है | यह जुलाई से अक्टूबर के बीच ज्यादा फैलता है |मच्छर काटे जाने के तीन पांच दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते है |कभी कभी तीन से 10 दिन भी लग सकते है |

डेंगू बुखार तीन प्रकार का होता है साधारण डेंगू बुखार ,हैमेरेजिक एवं शॉक सिंड्रोम बुखार | हैमेरेजिक और शॉक सिंड्रोम बुखार अधिक खतरनाक होते है मरीज की जान भी जा सकती है |साधारण डेंगू बुखार यदि काबू में न हो पाए तो वह हैमेरेजिक एवं शॉक सिंड्रोम बुखार में बदल जाता है |ऐसे में डेंगू को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है |

डेंगू के लिए इलाज | Dengue Treatment in Hindi

डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स कम होने लगते है प्लेटलेट्स कम होने से शरीर के अन्य अंगो पर बुरा प्रभाव पड़ता है |बुखार होने पर प्लेटलेट्स को कण्ट्रोल करना ही सबसे अहम होता है इसमें पैरासिटामोल दिया जाता है जबकि हैमेरेजिक और शॉक सिंड्रोम होने पर प्लेटलेट्स चढाये जाते है ठीक होने में 10 से 15 दिन का समय लग जाता है | गिलोय और गुड का काढ़ा तुलसी एवं पपीते के पत्तो का रस भी इन प्लेटलेट्स एवं इम्युनिटी बधने में काफी अहम माने जाते है |

चिकनगुनिया का बुखार | Chikungunya Fever

यह एडीज मच्छरों के  काटने से फैलता है |इसमें भी मरीज को बुखार हॉट है | ये मच्छर दिन में काटते है | इसमें बुखार सिरदर्द ,शरीर पर लाल डेन उभरते है |मच्छर काटने के एक सप्ताह के अंदर चिकनगुनिया के लक्षण दीखते है इसके कारण होने वाला जोड़ो के दर्द को दूर होने में छह माह लग सकते है | इसके मरीज को जॉइंट पेन अधिक होता है | बुखार लगभग 2 हफ्ते तक रहता है |रोग की पृष्टि संक्रमन के तीन दिन बाद होती है इसमें आँखों में दर्द की शिकायत रहती है और शरीर पे रेशेज नजर आने लगते है |हाथ पैर में सुजन आ सकती है सुबह जॉइंट पेन अधिक होता है बुखार खत्म होने के आबाद भी लक्षण नजर आते रहते है |

कैसे होती है बुखार की पृष्टि | Symptoms of Chikungunya in Hindi

यदि आपको तेज बुखार है तो सबसे पहले डॉक्टर को दिखाए | डॉक्टर प्रारम्भिक लक्षणों के आधार पर आपको दवाइया देंगे इसके बाद बुखार की पृष्टि के लिए टेस्ट कराया जायेगा | चिकनगुनिया बुखार की पृष्टि के लिए ब्लड टेस्ट और डेंगू के लिए एलिसा टेस्ट बेस्ट माना जाता रहा है हालंकि टेस्ट इस बात पर निर्भर करता है कि अप टेस्ट कब करवा रहे है | जैसे बुखार होने के एक दिन बाद या चार दिन बाद | चिकनगुनिया और डेंगू की पृष्टि के लिए ये टेस्ट जरुरी है |

चिकनगुनिया में आराम जरुरी | Rest in Chikungunya

मरीज का खास ख्याल रखना जरुरी है | मरीज के आसपास साफ़ सफाई का विशेष धयान रखे | इस रोग के होने पर मरीज को भरपूर आराम करना चाहिए | डाइट में लिक्विड अधिक देना चाहिए क्योंकि अक्सर चिकनगुनिया में डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती है यदि अन्य रोग जैसे अस्थमा ,हाई बीपी ,डायबिटीज आदि से ग्रसित है तो प्रतिदिन डॉक्टर को दिखाए | एक साथ दो रोगों की दवाइया शरीर पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ सकती है | खाने में पौष्टिक और संतुलित आहार ले | जॉइंट पेन ज्यादा हो तो आइस पैक को तौलिये में लपेट कर जोड़ो पर लगाये इससे दर्द में राहत मिलती है |मरीज को जरा भी परेशानी हो या बुखार कण्ट्रोल न हो तो तुरंत अस्पताल ले जाए |

बचाव के लिए अपनाए घरेलू नुस्खे | How to Prevent from Mosquitoes in Hindi

  • घर की खिड़की के पास तुलसी का पौधा लगाये |मच्छर घर में नही आयेंगे |
  • दो तीन दिन में एक बार नीम के सूखे पत्ते और कपूर को जलाकर धुएं को घर में घुमाए | इससे मच्छर मर जायेंगे |
  • पुरे शरीर को ढकनेवाले कपड़े पहने |
  • सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरुर करे |
  • कूलर एसी फ्रीज के ट्रे में पानी इकट्ठा न होने दे |
  • जमे हुए पानी पर मिटटी का तेल डाले |
  • खुली नालियों में 50-100 ML पेट्रोल प्रतिदिन डाले |
  • लहसुन को पानी में उबाले |इस पानी का आंगन ,दरवाजो खिडकियों पर छिडकाव करे |
  • नीम का तेल भी शरीर पर लगा सकते है इसका साइड इफ़ेक्ट नही होता |

आयुर्वेद में डेंगू का उपचार | Home Remedies for Chikungunya and Dengue in Hindi

डेंगू बुखार होने पर आप आयुर्वेदिक डॉक्टर से पूछकर ये दवाये भी ले सकते है -सुदर्शन चूर्ण ,त्रिभुवन कीर्ति रस ,गिलोय घनवटी आदि | इन्हें डेंगू के लक्षण कण्ट्रोल होने तक लेना आवश्यक है |आयुर्वेद के हिसाब से कुछ घरेलू उपायों से तापमान कम करने ,शरीर  दर्द में आराम पहुचाने और ब्लड प्लेटलेट्स और रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्युनिटी बढाने में मदद मिलती है |

  • तुलसी के पत्ते ,काली मिर्च ,सौंठ , इलायची और थोडा गुड पानी में उबालकर काढ़ा पीये |
  • लौंग और इलायची का काढ़ा पीये |
  • मैथी के पत्ते या बीज का पानी में कम से कम एक घनता भिगोकर काढा बनाकर पीये |
  • अमृता या गिलोय का काढ़ा गुड मिलाकर पीना भी फायदेमंद है |
  • पपीते के पत्तो का दो तीन चम्मच रस दिन में दो तीन बार पीय
  • किशमिश को भिगोकर पीसने पर तैयार जूस दिन में एक दो बार ले
  • अदरक और आंवला का रस पीये |
  • ठंडे दूध के साथ चुटकी भर हल्दी मिलाकर पीये |
  • चिकनगुनिया में आधा चमच्च दालचीनी पाउडर एक कप गर्म पानी में मिलाकर पीये |
  • रोज सुबह खाली पेट लहसुन की के फांक खाए |

ये प्रोडक्ट्स दूर भगाते है मच्छर

लिक्विड मशीन : इसका प्रयोग बेहद आम है यह मशीन लिक्विड को गैस में बदलती है जिससे मच्छर या तो मर जाते है या भाग जाते है हालांकि यह मशीन उन जगहों पर कारगर नही है जहा बिज्लीक्म आती है उन जगहों पर मच्छर भगाने के लिए कएल का उपयोग किया जाता है |

क्रीम : इस क्रीम को त्वचा पर लगाने से मच्छर दूर भागते है रात में सोने के समय इस क्रीम का इस्तेमाल कर सकते है |

केमिकल स्प्रे : यह भी काफे कारगर है पर इसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है |यह इम्युनिटी सिस्टम को प्रभावित करता है |नाक और चेहरे को अच्छे से ढकक्र बंद कमरे में इसका प्रयोग करे और वहा से बाहर आ जाए | स्प्रे करने के आधे घंटे बाद कमरे में प्रवेश करे | इसे बच्चो से दूर रखना चाहिए |

मोबाईल एप्प्स और डिवाइस : आजकल अधिकाँश लोगो के पास स्मार्टफोन है गूगल प्ले स्टोर और ऐसे कई एप्प्स है जो मच्छरों को भगाने में कारगर है ये एप्प्स हाई फ्रीक्वेंसी के साउंड निकालते है जिससे मच्छर दूर भागते है | कई ऐसे डिवाइस भी है जो अल्ट्रासोनिक वेव्स बनाते है इससे मच्छर भागते है |ये डिवाइस 150 से 500 रूपये में आसानी से मिल जाते है |

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