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Headache Home Remedy in Hindi | सिरदर्द का घरेलू और आयुर्वेदिक इलाज

जीवन की भागदौड़ , व्यस्तता , आहार-विचार का अनिश्चित समय एवं आहार-विहार में असंतुलन के कारण अधिकाँश लोगो को सिरदर्द हो जाता है परंतु सिरदर्द का प्रमुख कारण पेट का साफ़ न होना है | दिन में खाए हुए भोजन का रात्रि में पाचन हो जाने पर ही प्रात:काल पेट साफ़ होता है लेकिन मिर्च-मसाले , चिकनाई पदार्थ तथा चाय-कॉफ़ी आदि के अत्यधिक सेवन करने से पाचन क्रिया विकृत हो जाती है | व्यक्ति को कब्ज रहने लगता है तब मल-शुद्धि के कारण मल की दुर्गन्ध सिरदर्द पैदा कर देती है |

सिरदर्द के कारण नेत्र-दृष्टि भी प्रभावित होती है | अनेक बार शारीरिक दुर्बलता के कारण मस्तिष्क के स्नायुओ पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और सिरदर्द हो जाता है | अधिक समय तक धुप में चलने-फिरने पर अथवा शीतकाल में ठंड के प्रभाव से या बहुत गर्म पानी से स्नान करने पर भी सरदर्द हो सकता है | कुछ लोगो को दूषित वातावरण में रहने के कारण पेट्रोल एवं डीजल आदि की दुर्गन्ध तथा वातावरण में प्रदूषण रहने के कारण अथवा जुकाम या मानसिक तनाव के कारण भी सिरदर्द हो सकता है | कभी कभी गर्भवती स्त्रियों को भी सिरदर्द हो जाता है |

आयुर्वेद में सिरदर्द के ग्यारह कारण बताये गये है जिनमे अधिक काम करना बारीक काम करना , मस्तिष्क में शुष्कता (खुश्की) , अधिक उपवास , कम भोजन तथा शीतल खाद्य एवं पेय पदार्थो के कारण सिरदर्द हो सकता है | छोटे बच्चो को दांत निकलते समय प्रात: सिरदर्द हो जाता है अत: सिरदर्द न हो , ऐसा प्रयास करना चाहिए और यदि हो जाए तो उसका तुंरत उपचार करना चाहिए |

सिरदर्द का इलाज

  • धनिया और सौंफ दस ग्राम और मिश्री बीस ग्राम मिलाकर पाउडर बना ले | प्रतिदिन सुबह-शाम दो-दो चुटकी पाउडर दो महीने तक नियमित ले | सिरदर्द , कमरदर्द तथा नजला एवं जुकाम दूर हो जाएगा |
  • काली मिर्च पांच दाने , तुलसी के पाच पत्ते तथा थोडा सा अदरक आधा कप पानी में उबाले | अच्छी तरह उबल जाने के बाद उसमे थोड़ी सी मिश्री और आधा कप दूध मिलाकर गर्म गर्म पिए तथा पन्द्रह मिनट के लिए कोई कपड़ा ओढकर लेट जाए | सर्दी, जुकाम और सिरदर्द दूर हो जाएगा |
  • दस ग्राम गुड और पांच ग्राम काले तिलों में थोडा सा दूध मिलाकर पीस ले | इस मरहम को माथे एवं कनपटियो पर लगाये , सिरदर्द दूर हो जाएगा |
  • रुई के एक टुकड़े को गाय के दूध में भिगोकर माथे पर रखे और गाय के दूध में थोड़ी सी सोंठ पीसकर माथे पर लेप करे , सिरदर्द दूर हो जाएगा |
  • गाय के शुद्ध घी की दो-चार बुँदे नाक के दोनों नथुनों में सुबह-शाम एक महीने तक टपकाने से सिरदर्द और नाक से रक्त आना बिल्कुल ठीक हो जाता है |
  • सिर के जिस ओर दर्द हो  उसी और नाक एक नथुने में सरसों के तेल की कुछ बुँदे डाले एवं सूंघे | एक सप्ताह तक इस प्रकार करने से सिरदर्द समाप्त हो जाता है |
  • सफेद मिर्च पाउडर खांड में मिलाकर खाने से आधासीसी का दर्द दूर हो जाता है |

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